कलर ब्लाइंड चश्मा: क्या यह सच में काम करता है?
ख़ास चश्मा पहनकर पहली बार "असली" रंग देखने वाले लोगों के वीडियो बार-बार वायरल होते हैं। इनके पीछे क्या है? जानिए ईमानदारी से कि कलर ब्लाइंड चश्मा कैसे काम करता है, किसके लिए सही है और इसकी सीमाएँ क्या हैं।
विषय-सूची
कलर ब्लाइंड चश्मा कैसे काम करता है?
लाल-हरे रंग अंधेपन में लाल और हरे कोन की संवेदनशीलता के वक्र सामान्य से ज़्यादा एक-दूसरे पर चढ़े होते हैं। ओवरलैप वाले हिस्से (लगभग पीले-नारंगी) की रोशनी दोनों तरह के कोन को लगभग बराबर उत्तेजित करती है – इसलिए दिमाग़ के लिए लाल को हरे से अलग करना मुश्किल हो जाता है।
कलर ब्लाइंड चश्मे ख़ास फ़िल्टर इस्तेमाल करते हैं जो ठीक इसी हिस्से की रोशनी हटा देते हैं ("नॉच फ़िल्टर")। इससे लाल और हरे कोन के संकेत फिर से ज़्यादा अलग हो जाते हैं। नतीजा: कई पहनने वालों को लाल और हरा ज़्यादा गहरे दिखते हैं और उन्हें अलग पहचानना आसान हो जाता है।
क्या कलर ब्लाइंड चश्मा काम करता है? क्या कर सकता है और क्या नहीं
| कर सकता है | नहीं कर सकता |
|---|---|
| लाल और हरे के बीच कंट्रास्ट बढ़ाना | ग़ायब कोन की जगह लेना |
| रंगों को ज़्यादा गहरा और चटक दिखाना | कलर ब्लाइंडनेस ठीक करना |
| रोज़मर्रा, प्रकृति और कला को ज़्यादा रंगीन महसूस कराना | रंग दृष्टि टेस्ट में सामान्य नतीजे दिलाना |
अध्ययन बताते हैं कि ये चश्मे इशिहारा टेस्ट जैसे नैदानिक टेस्ट के स्कोर में कोई या लगभग कोई सुधार नहीं करते। फिर भी कई पहनने वाले बताते हैं कि रोज़मर्रा में रंग साफ़ तौर पर ज़्यादा सुखद और कंट्रास्ट वाले लगते हैं। दोनों बातें सच हो सकती हैं: चश्मा रंगों को ज़्यादा अलग बनाता है – लेकिन "सामान्य" नहीं।
कलर ब्लाइंड चश्मा किसके लिए है?
- बहुत उपयुक्त: ड्यूटेरानोमली या प्रोटानोमली वाले लोग – हल्का से मध्यम लाल-हरा रंग अंधापन, जो ज़्यादातर लोगों में होता है।
- सीमित: पूर्ण ड्यूटेरानोपिया या प्रोटानोपिया में असर आमतौर पर कम होता है।
- उपयुक्त नहीं: अक्रोमैटोप्सिया के लिए, और आमतौर पर नीले-पीले रंग अंधेपन के लिए भी नहीं।
हमारा मुफ़्त टेस्ट बताता है कि आपकी कलर ब्लाइंडनेस कितनी तेज़ है और यह प्रोटान है या ड्यूटान।
ख़रीदते समय क्या देखें
- बाहर या अंदर: कई मॉडल धूप के चश्मे जैसे रंगीन होते हैं और दिन के उजाले के लिए बने होते हैं; अंदर और स्क्रीन के लिए हल्के संस्करण भी मिलते हैं।
- नंबर वाला चश्मा: अगर आपको चश्मे की ज़रूरत है, तो नंबर वाले लेंस या क्लिप-ऑन देखें।
- रंगीन मॉडल पहनकर रात में गाड़ी न चलाएँ।
- आदत पड़ना: असर अक्सर कुछ मिनटों से लेकर कुछ दिनों में ज़्यादा महसूस होता है।
- रिटर्न पॉलिसी: असर हर व्यक्ति में अलग होता है, इसलिए ट्रायल अवधि देने वाला विक्रेता चुनें।
EnChroma चश्मा, COLORDROP और दूसरे ब्रांड
जाने-माने ब्रांडों में अमेरिका का EnChroma और COLORDROP शामिल हैं। COLORDROP – इस मुफ़्त टेस्ट का प्रदाता – कलर ब्लाइंड चश्मे बेचता है, जिनमें नंबर वाले और बच्चों के मॉडल भी हैं, साथ में 30 दिन की मनी-बैक गारंटी। फ़िल्टर का असर, इस्तेमाल का मक़सद और रिटर्न की शर्तें आराम से तुलना करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कलर ब्लाइंड चश्मे से सामान्य रंग दृष्टि मिल सकती है?
नहीं। यह लाल और हरे के बीच कंट्रास्ट बढ़ाता है, लेकिन ग़ायब या बदले हुए कोन की जगह नहीं ले सकता।
क्या कलर ब्लाइंड चश्मा हर प्रकार में काम करता है?
यह हल्की से मध्यम लाल-हरी कमी (एनोमलस ट्राइक्रोमेसी) में सबसे अच्छा काम करता है। पूर्ण डाइक्रोमेसी में असर कम होता है और अक्रोमैटोप्सिया में बिल्कुल नहीं।
क्या चश्मा पहनकर रंग दृष्टि टेस्ट पास किया जा सकता है?
नहीं – और इसके लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसे चश्मे से नैदानिक टेस्ट के स्कोर लगभग नहीं बदलते।